समय का महत्ता ⏳🕓
समय की महत्ता: जीवन की अनमोल और अमूल्य निधि
टाइम कटर का अर्थ अवसरों का टूटना है और यदि यह हमारा हाथ अलग हो गया है, तो इसे कभी भी प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसकी न तो कोई शुरुआत है और न ही कोई अंत। जो महत्वपूर्ण है, वह वर्तमान है। अपने काम को कल के लिए उधार लेना है। यह खोए हुए अतीत पर पछतावा जैसा है।
केवल काम करने के लिए ही नहीं, बल्कि खाने, सोने और सभी साथियों को पूरा करने के लिए भी हमें समय देना चाहिए। हमें अपने साथियों, बच्चों और दोस्तों को जानने और समझने के लिए भी समय देना चाहिए। वास्तव में, हमारे पास अधिक समय की बर्बादी है, और इस भावना से बचना मुश्किल है कि हमारे पास पर्याप्त समय नहीं है।
समय के सदुपयोग का अर्थ है कड़ी मेहनत, श्रम, पोषण और प्रयास। जिस तरह का कोल्ड आयरन एक ही पर हिट करना वैकल्पिक है, समय पर चलना पचाना जारी है। समय से संबन्धित वो कौन सी बातें हैं जो हमें याद रखनी चाहिए? यहां ऐसे कुछ कारण बताए जा रहे हैं जो समय को बेहद महत्वपूर्ण हैं:
समयावधि घड़ी की सुइयों का अमूर्त परिभ्रमण नहीं है, बल्कि यह अदृश्य और शाश्वत सूत्र है जिसमें हमारे दृष्टिकोण की सभी घटनाएं, स्मृतियां और उपलब्धियां शामिल हैं। जिस समय वह वेगवती सागर के समान है, उसका जल एक बार आगे बढ़ने के बाद पुनः उस तट को छू नहीं पाता है। संक्षेप में कहा गया है कि, खोया हुआ धन पुनः आरंभ किया जा सकता है, विस्मृत विद्या पुनः आरंभ किया जा सकता है, नागालैंड बीटा एक आश्रम भी ब्रह्मांड का समग्र संग्रहकर्ता वापस नहीं लाया जा सकता है।
समय का ईश्वरीय स्वरूप:महाकाल की सत्ता
भारतीय दर्शन में काल को 'महाकाल' का वर्णन दिया गया है - वह शक्ति जो सृजन और विनाश दोनों का आधार है। समय का स्वभाव अत्यंत असामान्य और लोकतांत्रिक है। इस दुनिया में किसी का भी साथ नहीं दिखता। कोई भी साझीदार सम्राट हो या सामान्य निर्धन, प्रकृति सभी को दिन के चौबीस घंटे के स्वरूप अनुभव में आता है। अंतर केवल इस विवेक का है कि उन्हें 'स्वर्ण' का निर्माण कौन करता है और उन्हें प्रमाद (अलसी) की गंदगी में कौन मिलाता है। जो समय के पदचाप को पहचानता है, सफलता उसका चरण है; और जो इसे अनपेक्षित करता है, वह समय के स्ट्राइकर हिट से इतिहास के विस्मृत दैत्य में विलेन हो जाता है।
समय का सदुपयोग
आधुनिक युग में, जहां सोशल मीडिया और सोशल मीडिया जैसे आकर्षण हमारा ध्यान भटकाते हैं, समय का प्रबंधन और भी जरूरी हो गया है। समय का सदुपयोग करने का अर्थ स्वयं को यंत्र बनाना नहीं, बल्कि औचित्य तय करना है। जो व्यक्ति अपनी आवश्यक सुविधा और मनोरंजन के बीच संतुलन बनाता है, उसे मानसिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।



Comments
Post a Comment